राज़ से भरे कुछ स्थान

हमारी दुनिया एकै ऐसे रहस्यों का समागम है जिनकी तह तक आज तक कोई भी नहीं पहुँच सका |यहाँ कई ऐसे स्थान हैं जिनके बारे में वैज्ञानिक कई सालों से क्षोध कर रहे हैं लेकिन आज तक भी या तो सिर्फ उनके बारे में आंशिक जानकारी हासिल कर पाए हैं या फिर अभी भी सत्य से कोसों दूर हैं | जानिए 10 ऐसे ही रहस्यमयी स्थानों के बारे में | निश्चित रूप से ये जानकारी आपको हैरान कर देगी |

ज्ञानेश्वरसंत ज्ञानेश्वर (जन्म : इ.स. १२७५ - समाधी : इ.स. १२९६) हे १३ व्या शतकातील प्रसिद्ध मराठी संत आणि कवी आहेत. संत ज्ञानेश्वरांचा जन्म आळंदी येथे झाला. सामान्य लोकांना भगवद्गीता समजण्यासाठी ज्ञानेश्वरांनी भावार्थदीपिका या नावाने भगवद्गीतेवर निरूपण/भाषांतर केले. ते ज्ञानेश्वरी या नावाने प्रसिद्ध आहे. भावार्थदीपिका हे भाषांतराचे कार्य ज्ञानेश्वरांनी अहमदनगर जिल्ह्यातील नेवासा येथे केले.