नवजात शिशु-

         ऐसे नवजात शिशु जो केवल मां के दूध पर निर्भर होते हैं, उन्हें पानी देने की कोई जरूरत नहीं, लेकिन दस्त या बुखार हो जाने पर उन्हे उबला और साफ पानी केवल दो चम्मच दिया जा सकता है।

1.5 से 3 महीने तक का शिशु-

        इस आयु के नवजात शिशु को स्तनपान  या केवल गाय, भैंस का दूध सेवन के लिए दिया जा सकता है।

3 से 6 महीने का बच्चा-

        3 से 6 महीने तक की आयु के बच्चों को मां का दूध, गाय-भैंस का दूध, सूजी का पका हुआ रवा, बिस्कुट, केला, उबला हुआ आलू, कसा हुआ सेब, अण्डे की जर्दी, शहद और मूंग की दाल का पानी आदि दिया जा सकता है।

6 से 9 महीने तक की आयु का बच्चा-

        इस उम्र के बच्चे को भोजन के रूप में दूध, सूजी का पका हुआ रवा, मूंग की पतली दाल, खिचड़ी का पानी, बिस्कुट, फलों का रस, सब्जियों का जूस और उबले मीट का जूस, अण्डे का पीला भाग, दही, फिरनी और कस्टर्ड आदि सेवन के लिए दिया जा सकता है।

9 महीने से अधिक उम्र का बच्चा-

        ऐसे बच्चे को सभी प्रकार का भोजन जो घर के सदस्यों द्वारा प्रयोग किया जाता है, खाने में दिया जा सकता है। ऐसे बच्चे को दिया जाने वाला भोजन साफ और ताजा होना जरूरी होता है। दिन में कई बार भोजन करना बच्चे के लिए हानिकारक होता है। इस कारण बच्चे को केवल तीन बार ही भोजन करने के लिए देना चाहिए। बच्चे के भोजन में वसा की मात्रा अधिक नहीं होनी चाहिए। चाय, केला, सिन्थेटिक जूस आदि का प्रयोग बच्चे के लिए हानिकारक होता है।

Please join our telegram group for more such stories and updates.telegram channel