अश्वत्थामा

अश्वत्थामा बलि: व्यासो हनूमांश्च विभीषण:। कृप: परशुरामश्च सप्तएतै चिरजीविन:॥ सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित॥

फिनिक्सजाळून टाकला तरी राखेतून पुन्हा जिवंत होऊन भरारी घेणारा विचार...
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