राजपुत्र धीरसेन

कहा जाता है कि किसी समय शाँतिनगर नामक शहर में शाँतसिंह नाम का राजा था। उसकी रानी शाँतिमती सब तरह से उसके योग्य स्त्री थी। वे दोनों अपनी प्रजा को बहुत प्यार करते थे और अपनी संतान की तरह उनकी देख भाल करते थे। उनका एक ही लड़का था जिसका नाम धीरसेन था।

बनारसी बाबु हम बेच्यु के छात्र हैं.....हमें पढने का शौक हैं और पढ़ी हुई कहानियाँ सुनाना हमारा पेशा हैं...! कभी आओ अस्सी घाट....बैठकर खूब बाते करेंगे...और बढ़िया वाली लेमन टी पियेंगे.
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