बोनी और क्लाइड

क्लाइड बैरो

Author:Shivam

क्लाइड चेस्टनट बैरो (२४ मार्च १९०९ -२३ मई १९३४ ) ने डलास के दक्षिण पूर्व में स्थित टेलीको नाम के शहर की एलिस काउंटी के एक गरीब किसान परिवार में जनम लिया था | वह अपने माँ बाप के ७ बच्चों में से पांचवा था | शुरुआती १९२० के दशक में वह पैसा कमाने के लिए पश्चिम डलास चले गए जहाँ शुरुआत के कुछ महीने उन्होनें घोडा गाडी में बिताई |

क्लाइड की सबसे पहली गिरफ्तारी हुई १९२६ में जब एक किराये पर ली गाडी को वह समय से वापस नहीं कर पाए | दूसरी  बार अपने भाई मर्विन बैरो के साथ वह टर्की चोरी कर के ले जाते हुए पकडे गए | १९२७ से १९२९ के बीच नौकरी होने के बावजूद वह तिजोरी तोडना , दुकानों को लूटना और कार चुराना ऐसे छोटे गुनाहों को अंजाम देते रहे | १९२८ और १९२९ में गिरफ्तारी के बाद उन्हें अप्रैल १९३० में ईस्ट हैम जेल भेज दिया गया | जेल में बैरो ने लीड पाइप से एक और कैदी एड क्रोव्दर ,जिसने लगातार उनका यौन शोषण किया था , का सर फोड़ दिया | ये उनका पहला क़त्ल था | लेकिन एक दुसरे साथी ने इस क़त्ल का इलज़ाम अपने ऊपर ले लिया | बैरो ने अपने एक कैदी साथी से कह अपने पैरों की दो उँगलियाँ कुल्हाडी से कटवा दीं ताकि उन्हें खेतों में महनत ना करनी पड़ी , इसके फलस्वरूप उन्हें ज़िन्दगी भर लंगड़ा के चलना पड़ा |


२ फेब्रुअरी १९३२ को जेल से बाहर आया बैरो अब एक खतरनाक मुजरिम बन चुका था | उनकी बहन ने बताया की “ उसके साथ जेल में ज़रूर कुछ बुरा हुआ था , क्यूंकि वह जब बाहर आया तो वह पुराना बैरो नहीं था” | एक साथी कैदी राल्फ फुल्ट्स ने बताया की हमने उसे “ स्कूल के लड़के से सांप में बदलते” देखा है | जेल से निकलने के बाद बैरो ने छोटे गुनाह किये जैसे किराने की दुकानों और गैस स्टेशनों को लूटना | उनका पसंदीदा हथियार था एम् १९१८ ब्राउनिंग आटोमेटिक राइफल | जॉन नील फिलिप्स के हिसाब से बैरो का ज़िन्दगी में मकसद बैंक लूट कर पैसा कमाना नहीं था , वह टेक्सस के जेल प्रणाली से अपने पर हुए ज़ुल्मों का बदला लेना चाहता था | 

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