बोनी और क्लाइड

अंतिम संस्कार और दफन

Author:Shivam

बोनी और क्लाइड साथ में दफ़न होना चाहते थे लेकिन पार्कर परिवार ने मना कर दिया | श्रीमती पार्कर अपनी बेटी की आखरी इच्छा को पूरा करना चाहती  थीं और वह थी उसे अपने घर लाना लेकिन भीड़ के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका | २०००० से ज्यादा लोगों ने बोनी के अंतिम संस्कार में भाग लिया और उसके परिवार के लिए  कब्रिस्तान तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया |पारकर को २६ मई १९३४ को दो बजे दफनाया गया | उसको श्रद्धांजलि देने के लिए सब जगहों से फूल आये | बोनी और क्लाइड की अचानक मौत से डलास में ही ५००००० अख़बार बिके | हांलाकि पार्कर को शुरू में फिशट्रैप कब्रिस्तान में दफनाया गया था १९४५ में उन्हें डलास में क्राउन हिल कब्रिस्तान में स्थानांतरित  कर दिया गया |

 

बैरो के परिवार ने डलास में स्पर्क्मन होल्त्ज़ के यहाँ बैरो को दफ़नाने का फैसला किया | बैरो को 25 मई शुक्रवार को सूरज डूबते ही दफनाया गया | उसे वेस्टर्न हाइट्स कब्रिस्तान में डालस में अपने भाई मर्विन के पास दफनाया गया | दल के छह सदस्यों को इनाम की रकम का छठा हिस्सा मिलना था |

 

बैरो और पार्कर की मुठभेड़ ने १९३० में “पब्लिक एनिमी” काल के ख़तम होने की शुरुआत की | इसके दो महीनों नाद दिल्लिन्गर को शिकागो की सड़कों पर घेर कर मार दिया गया ;इसके तीन महीनों बाद चार्ल्स आर्थर “प्रीटी बॉय फ्लॉयड” की ऑहियो में गोली मार दी गयी और उसके ठीक एक महीने बाद लेस्टर गिल्लिस को मौत के घाट उतार दिया गया |

Comments
Please login to comment. Click here.

It is quick and simple! Signing up will also enable you to write and publish your own books.

Please join our telegram group for more such stories and updates.

Books related to बोनी और क्लाइड


बेगुनाह या गुनेह्गार
बोनी और क्लाइड
बॉलीवुड के 10 रहस्य जो हमारे ज़हन में आज भी ताज़ा हैं