परम
मराठी कथा नि गोष्टी

व्हाट्सअँप वर शेअर केलेल्या गोष्टी

स्तोत्रम्

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रोचक गोष्टी

काही रोचक गोष्टी आणि तथ्ये

न ऐकलेल्या गोष्टी

तुम्ही कधीही न ऐकलेल्या गोष्टी!

वैभवलक्ष्मी व्रत

शुक्रवार को लक्ष्मी देवी का व्रत रखा जाता है। इसे वैभवलक्ष्मी व्रत भी कहा जाता है। इस दिन स्त्री-पुरुष देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हुए श्वेत पुष्प, श्वेत चंदन से पूजा कर तथा चावल और खीर से भगवान को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस व्रत के दिन उपासक को एक समय भोजन करते हुए खीर अवश्य खानी चाहिए। == उद्देश्य == सुख और सम्रिधि के लिए

वैभवलक्ष्मी व्रत

सौभाग्यवती स्त्रियांनी हे व्रत केल्यास त्याचे उत्तम फळ मिळते.

मराठी कथा नि गोष्टी 2

व्हाट्सअँप वर शेअर केलेल्या गोष्टी

चुनिंदा कहानियाँ

चुनिंदा कहानियाँ

Shri Sai Satcharitra

This work is by Shri N.V.Gunaji which was adapted from the original Marathi Book by Shri Hemadpant. The book is titled in English as Shri Sai Satcharitra whereas the original work is Shri Sai Satcharita.

साईबाबा

शिर्डीचे साई बाबा यांचे चरित्र, भजन आणि वचन

नेपोलियन बोनापार्ट

नेपोलियन बोनापार्ट फ्रान्स की क्रान्ति में सेनापति, 11 नवम्बर 1799 से 18 मई 1804 तक प्रथम कांसल के रूप में शासक और 18 मई 1804 से 6 अप्रैल 1814 तक नेपोलियन I के नाम से सम्राट रहा। वह पुनः 20 मार्च से 22 जून 1815 में सम्राट बना। वह यूरोप के अन्य कई क्षेत्रों का भी शासक था।

नेपोलियन बोनापार्ट

नेपोलियन बोनापार्ट हा फ्रांसचा शूर योद्धा व सम्राट होता.

ब्लडी मैरी

मैरी प्रथम (18 फरवरी 1516 – 17 नवंबर 1558), इंग्लैंड और आयरलैंड की जुलाई 1553 से अपनी मृत्यु तक रानी थीं। अपने शासनकाल में प्रोटेस्टैंटों को दी गई मौत की जघन्य सजाओं ने उन्हें खूनी मैरी यानि "Bloody Mary" के नाम से भी बदनाम कर दिया।

गौतम बुद्ध

गौतम बुद्ध (जन्म 563 ईसा पूर्व – निर्वाण 483 ईसा पूर्व) एक श्रमण थे जिनकी शिक्षाओं पर बौद्ध धर्म का प्रचलन हुआ।

श्री साई सच्चरित्र

शिर्डी के साई बाबा का चरित्र । श्री हेमाडपंत द्वारा मूल मराठी पुस्तक से अनुकूलित किया गया है । पुस्तक का नाम श्री साई सच्चरित्र के रूप में हिंदी में किया गया है जबकि मूल कार्य श्री साई सच्चरित है।

एड्स / एचआयव्ही

एड्स म्हणजे "अक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशियेंसी सिंड्रोम" एच.आय.व्ही. विषाणूच्या संसर्गामुळे होणारी एक स्थिती आहे. लक्षणे आणि माहिती

प्रेरणादायी गोष्टी 2

व्हाट्सअँप वर शेअर केलेल्या प्रेरणादायी गोष्टी

भूत बंगला 2

भूत कथा. गूढ कथा . Marathi Horror Gudh Katha and bhutachya goshti

भूत बंगला 2

इस दुनिया में जहाँ कुछ बेहद आश्चर्यजनक चीज़ें हैं वहीँ कुछ ऐसी चीज़ें भी हैं जो बेहद खौफनाक है |भूतों का नाम सुन कर हम सभी लोग डर जाते हैं | लेकिन क्या आप जानते हैं की इस दुनिया में कई ऐसे घर हैं जहाँ भूतों का वास है | इतना इन भूतों का डर है की अब इन घरों में कोई भी जाना पसंद नहीं करता है |पेश हैं विश्व के ऐसे ही कुछ भूतीया घरों की जानकारी | हमें बताईये की क्या आप यहाँ जाना पसंद करेंगे ?

श्रीसाईसच्चरित

श्रीसाईसच्चरित या ग्रंथांत श्रीसाईबाबांच्या अद्भुत लीलांचा व उपदेशांचा संग्रह आहे.

प्रेरणादायी गोष्टी 3

प्रेरणादायी गोष्टी

लोकमान्य टिळक

बाळ गंगाधर टिळक (जुलै २३,इ.स. १८५६ - ऑगस्ट १, इ.स. १९२०) हे भारतीय स्वातंत्र्यलढ्यातील स्वातंत्र्यसेनानी, राजकारणी, तत्त्वज्ञ, संपादक, लेखक आणि वक्ते होते. 'लोकमान्य' या उपाधीने त्यांचा उल्लेख केला जातो. लोकमान्य टिळक ह्यांचे कार्य .

अटलबिहारी वाजपेयी

माजी भारतीय पंतप्रधान आणि एक हिंदी कवी होते. ते १९९१ ते २००९ दरम्यान भारतीय जनता पक्षाचे लखनौ येथील खासदार होते. केवळ १३ दिवस टिकलेल्या ११ व्या लोकसभेत तसेच त्यानंतरच्या १२ व्या लोकसभेत (१९ मार्च १९९८ ते १९ मे २००४) ते पंतप्रधान होते. यासोबतच त्यांनी जनसंघाचे संस्थापक सदस्य, भारतीय जनसंघाचे अध्यक्ष (१९६८-१९७३), जनसंघाच्या संसदीय दलाचे नेते (१९५५-१९७७), जनता पक्षाचे संस्थापक सदस्य (१९७७-१९८०), भारतीय जनता पक्षाचे अध्यक्ष (१९८०-१९८६) आणि भारतीय जनता पक्ष संसदीय दलाचे नेते (१९८०-१९८४, १९८६, १९९३-१९९६), ११ व्या लोकसभेतील विरोधी पक्षाचे नेते तसेच २४ मार्च १९७७ ते २८ जुलै १९७९ दरम्यान भारतीय परराष्ट्रमंत्री ही पदे भूषविली होती.

गवळणी

गवळण हा तमाशातील एक भाग आहे. पारंपरिक तमाशा सादरीकरणामध्ये गणानंतर गवळण सादर करण्याची प्रथा आहे.

प्रेरणादायी गोष्टी 4

प्रेरणादायी गोष्टी

प्रेरणादायी गोष्टी 5

प्रेरणादायी गोष्टी

श्री साईं बाबा चालीसा

श्री साईं बाबा का गीतमय चालीसा जिसमे साईं जीवन कर्म बताया गया है | साईं के चरणों में शीश नवा कर उन्हें सभी देवी देवता के तुल्य बताया गया है | साईं बाबा की पूजन विधि में आरती का भी विशेष महत्व है|

श्री साईं बाबा के 108 नामावली

साईं भक्तो ने बनाई यह नामावली जिसमे साईं को सभी देवी देवताओ से जोड़ कर अनुपम चित्रण किया गया है | साईं बाबा के महा मंत्र के साथ साथ इसका नित्य जाप करना भी साईं कृपा पाने समान है |

श्री साईं बाबा के महामंत्र

श्री साईं बाबा के 108 नाम भी साईं महामंत्र के रूप में काम में लिए जा सकते है| साईं बाबा के 108 नाम को हम साईं बाबा नामवाली कहते है| साईं बाबा के मंत्र उच्चारण से हम साईं बाबा के करीब पहुच सकते है क्योकि हर मंत्र चमत्कारी और शक्तिशाली होते है जिनमे ईश्वर के करीब तक जाने की शक्ति होती है|

साईं बाबा के ११ वचन

साई बाबा के वे 11 वचन जिनसे वे करेंगे अपने भक्तो का उद्धार |

श्री साईं बाबा आरती

साईं का विशेष वार है गुरूवार है | गुरूवार को पूर्ण विधि विधान से आरती की जानी चाहिए |

व्रत कथा और पूजन विधि

साईंबाबा के पूजन के लिए सभी दिनों में गुरुवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता हैं| साईं व्रत कोई भी कर सकतें हैं चाहे बच्चा हो या बुजुर्ग या महिला|

साईं बाबा भजन

ॐ साईं राम, ॐ साईं श्याम, ॐ साईं भगवान्

स्तवन मंजरी

श्री दासगणु महाराज कृत श्री सांईनाथ स्तवन मंजरी

श्री साई आरती

श्री साई बाबा आरती संग्रह

साई बाबा स्तोत्र

शिर्डी साई बाबांचे स्तोत्र, अभंग, नमन, नामस्मरण

श्री साई बाबा भजन, अभंग

श्री साई बाबा भजन, अभंग

साई बाबा १०८ नामावली

साई बाबा १०८ नामावली

साई बाबा ११ वचने, वाक्सुधा

साई बाबा ११ वचने, वाक्सुधा

साईबाबांची उपासना

साईबाबांची उपासना आठवड्याच्या कोणत्याही दिवशी केली जाऊ शकते. परंतु गुरुवार हा गुरुचा वार आहे, यामुळे गुरुवारी साईबाबांची विशेष उपासना केली जाते. साई भक्ती आणि नामस्मरणामुळे जीवनातील सर्व संकटे दूर होतात. गुरूवारी साईबाबा यांची पूजा आणि स्मरण करणे शुभ मानले जाते.

कोरोना व्हायरसचा उद्रेक

२०१९- २०२० मधील वुहान येथील कोरोना व्हायरसचा उद्रेकाला औपचारिकपणे नोवेल कोरोनाव्हायरसचा उद्रेक (२०१९-एनसीओव्ही) म्हणूनही ओळखतात. हा रोग मुख्यत: चीनमध्ये सुरू वाढत आहे, त्याचबरोबर इतर २७ देशात आजपर्यंत पसरलेला आहे. २०१९ डिसेंबरच्या सुरुवातीस, चीनच्या हुबेई प्रांताची राजधानी वुहानमध्ये, एक नवीन कोरोनाव्हायरस आढळला, ज्याचे नाव २०१९-एनसीओव्ही असे ठेवले होते. सुरुवातीला ४१ लोकांना याची लागण झाली होते. त्यावेळेस स्पष्ट कारण न समजल्याने त्यांना निमोनिया झाला (2019-एनसीओव्ही तीव्र श्वसन रोग) आहे असे वाटून त्यांच्यावर उपचार केले गेले.

होळी

होळी हा भारतामध्ये, विशेषतः उत्तर भारतामध्ये उत्साहाने साजरा होणारा रंगांचा एक सण आहे. या सणाला "होळी पौर्णिमा" असेही संबोधले जाते. होलिकोत्सव, धूलिकोत्सव आणि रंगोत्सव म्हणजे होळी, धुळवड व रंगपंचमी अशी या उत्सवाची स्थाननिहाय विभागणी होते. तर काही ठिकाणी तो एकत्रितरीत्या साजरा होतो. फाल्गुनी पौर्णिमेपासून ते फाल्गुन वद्य पंचमीपर्यंत दोन दिवस ते पाच दिवस हा उत्सव साजरा केला जातो.

रंगपंचमी

रंगपंचमी हा एक सण आहे. फाल्गुन कृष्ण पंचमी या तिथीला रंगपंचमी हा सण साजरा केला जातो. धुलिवंदनापासून सुरू होणाऱ्या वसंतोत्सवाला रंगपंचमीच्या दिवशी पाच दिवस पूर्ण होतात. रंग पंचमी म्हणजे रंगांचा सण. या दिवशी एकमेकांंना वेगवेगळे रंंग लावून आनंंदोत्सव साजरा केला जातो.

कोरोना वायरस प्रकोप

वुहान कोरोना वायरस प्रकोप (2019–20) की शुरुआत एक नए किस्म के कोरोनवायरस (2019-nCoV) के संक्रमण के रूप में मध्य चीन के वुहान शहर में 2019 के मध्य दिसंबर में हुई। बहुत से लोगों को बिना किसी कारण निमोनिया होने लगा और यह देखा गया की पीड़ित लोगों में से अधिकतर लोग हुआँन सीफ़ूड मार्केट में मछलियाँ बेचते हैं तथा जीवित पशुओं का भी व्यापर करते हैं। चीनी वैज्ञानिकों ने बाद में कोरोनावायरस की एक नई नस्ल की पहचान की जिसे 2019-nCoV प्रारंभिक पदनाम दिया गया।

होली

होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय और नेपाली लोगों का त्यौहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली रंगों का तथा हँसी-खुशी का त्योहार है। यह भारत का एक प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहार है, जो आज विश्वभर में मनाया जाने लगा है।

रंग पंचमी

महाराष्ट्र में होली के बाद पंचमी के दिन रंग खेलने की परंपरा है। यह रंग सामान्य रूप से सूखा गुलाल होता है। विशेष भोजन बनाया जाता है जिसमे पूरनपोली अवश्य होती है। मछुआरों की बस्ती मे इस त्योहार का मतलब नाच, गाना और मस्ती होता है। ये मौसम रिशते (शादी) तय करने के लिये मुआफिक होता है, क्योंकि सारे मछुआरे इस त्योहार पर एक दूसरे के घरों को मिलने जाते है और काफी समय मस्ती मे व्यतीत करते हैं। राजस्थान में इस अवसर पर विशेष रूप से जैसलमेर के मंदिर महल में लोकनृत्यों में डूबा वातावरण देखते ही बनता है जब कि हवा में लाला नारंगी और फ़िरोज़ी रंग उड़ाए जाते हैं। मध्यप्रदेश के नगर इंदौर में इस दिन सड़कों पर रंग मिश्रित सुगंधित जल छिड़का जाता है। लगभग पूरे मालवा प्रदेश में होली पर जलूस निकालने की परंपरा है। जिसे गेर कहते हैं। जलूस में बैंड-बाजे-नाच-गाने सब शामिल होते हैं। नगर निगम के फ़ायर फ़ाइटरों के वाॅटर (पानी) ट्रकों में रंगीन पानी भर कर जुलूस के तमाम रास्ते भर लोगों पर रंग डाला जाता है। जुलूस में हर धर्म के, हर राजनीतिक पार्टी के लोग शामिल होते हैं, प्राय: महापौर (मेयर) ही जुलूस का नेतृत्व करता है। प्राचीनकाल में जब होली का पर्व कई दिनों तक मनाया जाता था तब रंगपंचमी होली का अंतिम दिन होता था और उसके बाद कोई रंग नहीं खेलता था।