वैदिक मंत्रों में प्रयुक्त छंद कई प्रकार के हैं जिनमें मुख्य हैं -

    गायत्री - सबसे प्रसिद्ध छंद।आठ वर्णों (मात्राओं) के तीन पाद । गीता में भी इसके सर्वोत्तम बताया गया है (ग्यारहवें अध्याय में)। इसी में प्रसिद्ध गायत्री मंत्र ढला है ।
    त्रिष्टुप - ११ वर्णों के चार पाद - कुल ४४ वर्ण ।
    अनुष्टुप - ८ वर्णों के चार पाद, कुल ३२ वर्ण । वाल्मीकि रामायण तथा गीता जैसे ग्रंथों में भई इस्तेमाल हुआ है । इसी को श्लोक भी कहते हैं ।
    जगती - ८ वर्णों के ६ पाद, कुल ४८ वर्ण ।

 

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